
देखो ज़रा उसको तो
कैसे मचलती है वो
जैसे नाचे मयूर
मेरे आँगन में
जैसे फुदकती तितली Read the rest of this entry »

देखो ज़रा उसको तो
कैसे मचलती है वो
जैसे नाचे मयूर
मेरे आँगन में
जैसे फुदकती तितली Read the rest of this entry »

बेवफा देखती है क्या
मैं कला धुआ हूँ
तेरी क़ातिल आद पे
मैं तामान हुआ हूँ
यूह न मायूसी जाता
मैं भड़कता शोला हूँ
अपनी पहेचन मिटा दूं
मैं बुझता दिया हूँ Read the rest of this entry »

क्या तुझे मेरी याद न आई?
पल को भी कोई बात न सताई?
की कोई दूर याद करता होगा
हाए! यह कैसी रुसवाई Read the rest of this entry »

ऐसा लगता है ज़िंदगी अटक से गई है
कोई भयानक बात अबतक खटक रही है|
तूने कब रिश्ता जोड़ा कब दामन छोड़ा, याद नही Read the rest of this entry »

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अब न सह सकूँगी, जी करता है जान दे दूं
शिकायत का यह सिलसिला तामान कर दूं|
अब कहा तुम याद करोगे, तुम परवाने हो चले
अधूरी हूँ बिन तुम्हारे, तुम्हारे नाम ज़िंदगी नीलम कर दूं||
***
Ab na sah sakungi, ji karta hai jaan de dun
Shikayat ka yeh silsila tamam kar dun|
Ab kaha tum yaad karoge, tum parwane ho chale
Adhuri hun bin tumhare, tumhare naam zindgi nilam kar dun||
